निर्भया के दोषियों की फांसी के लिए नए डेथ वारंट की मांग याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी।

मुहैया करवाए गए नए वकील पहली बार मामले में पवन का पक्ष रखेंगे।

कोर्ट द्वारा मुहैया करवाए गए नए वकील रवि काजी आज पहली बार करेंगे पवन की पैरवी
-अभियोजन और बचाव दोनों पक्षों के बीच होगी डेथ वारंट पर बहस
निर्भया के दोषियों की फांसी के लिए नए डेथ वारंट की मांग याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। दोषी पवन को अदालत की ओर से मुहैया करवाए गए नए वकील पहली बार मामले में पवन का पक्ष रखेंगे। तिहाड़ प्रशासन और निर्भया के माता-पिता चारों दोषियों को जल्द फांसी पर लटकाने के लिए नया डेथ वारंट जारी करने मांग करेंगे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेन्द्र राणा तिहाड़ और निर्भया के माता-पिता के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करेंगे। पिछले सुनवाई में कोर्ट ने दोषी पवन के केस को पेश करने के लिए सरकारी वकील रवि काजी की नियुक्त किया। इससे पहले पिछले वकील एपी सिंह अदालत में पवन की पैरवी कर रहे थे। सोमवार को रवि काजी पहली बार दोषी पवन की ओर से अपनी दलीलें पेश करेंगे और यह भी बताएंगे कि क्या पवन की ओर से क्यूरेटिव या दया याचिका दायर की गई या नहीं। वहीं दूसरी ओर निर्भया के पक्ष के वकील दोषियों की फांसी के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की मांग करेंगे।
वर्तमान में निर्भया के दोषियों विनय, मुकेश और अक्षय के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं, लेकिन चौथे आरोपी पवन के पास अभी भी क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने का मौका है। हालांकि पांच फरवरी को हाईकोर्ट ने दोषियों के सभी कानूनी विकल्पों के उपयोग का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन इस अवधि के बीच दोषी पवन की ओर से कोई याचिका दायर नहीं की।
दोषी पवन के पहले वकील एपी सिंह ने पिछली सुनवाई में खुद पवन का पक्ष रखने से दूर कर दिया। इसके बाद अदालत ने पवन के पक्ष रखने के लिए अन्य वकील रवि काजी को उसकी पैरवी के लिए नियुक्त किया।
उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई में दोषी पवन के पिता ने किसी भी कानूनी उपचार के प्रयोग करने से इंकार किया था। अगर पवन की ओर से वाकई क्यूरेटिव या दया याचिका दायर नहीं की जाती तो अदालत नियमों के तहत चारों दोषियों को फांसी देने के लिए नया डेथ वारंट जारी कर सकती है। यह नियम है कि अगर किसी दोषी की कोई याचिका लंबित नहीं है तो डेथ वारंट जारी किया जा सकता है। हालांकि दोषी पवन के पास अभी भी क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने के विकल्प मौजूद हैं।
SOURCE:अमर उजाला
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